SEBI (Prohibition of Insider Trading) Regulations, 2015
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भारत का राजपत्र
असाधारण
भाग III - खण्ड 4
प्राधधकार से प्रकाशित
नई दिल्ली, 15 जनवरी, 2015
भारतीय प्रततभूतत और वितनमय बोडड
अधधसूचना
मुम्बई, 15 जनवरी, 2015
भारतीय प्रततभूतत और वितनमय बोडड
(अंतरंग व्यापार का प्रततषेध) वितनयम, 2015
सं. एल.ए.डी./एन.आर.ओ./जी.एन./2014-15/21/85 .- बोर्ड, भारतीय प्रततभूतत और
वितिमय बोर्ड अधितियम, 1992 (1992 का 15) की िारा 11 की उप-िारा (2) के खंर्
(छ) और िारा 12क के खंर् (घ) एिं खंर् (ङ) के साथ पठित िारा 30 द्िारा प्रदत्त
शक्ततयों का प्रयोग करते हुए, एतद्द्िारा, प्रततभूततयों में अंतरंग व्यापार के प्रततषेि हेतु
एक ढााँचा तििाडररत करिे के लिए और उसके विधिक ढााँचे को मजबूत बनािे के लिए,
तिम्िलिखखत वितियम बिाता है, अथाडत्:-
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अध्याय - I
प्रारंशभक
संक्षिप्त नाम और प्रारंभ
1. (1) इि वितियमों को भारतीय प्रततभूतत और वितिमय बोर्ड (अंतरंग व्यापार का
प्रततषेि) वितियम, 2015 कहा जा सकेगा ।
(2) ये वितियम राजपत्र में उिके प्रकाशि की तारीख से एक सौ बीसिें ठदि को प्रिृत्त
होंगे ।
पररभाषाएँ
2. (1) इि वितियमों में, जब तक कक संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित ि हो, तिम्िलिखखत
शब्दों, पदों और उिके उद्धरणों के िही अथड होंगे जो िीचे उिके लिए तियत हैं:-
(क) ''अधितियम" से भारतीय प्रततभूतत और वितिमय बोर्ड अधितियम, 1992 (1992 का
15) अलभप्रेत है;
(ख) "बोर्ड" से भारतीय प्रततभूतत और वितिमय बोर्ड अलभप्रेत है;
(ग) "अिुपािि अधिकारी" से ऐसा कोई ज्येष्ि अधिकारी अलभप्रेत है, जो इस प्रकार
पदालभठहत हो और जो तिदेशक बोर्ड या बोर्ड के ि होने की दशा में संगिि के प्रिाि को
ररपोर्ड करता हो, जिसे वित्त-संबंधी ज्ञान हो तथा िो इि वितियमों के अिीि विधिक
एिं वितियामक अिुपािि संबंधी अपेिाओं को ठीक-ठीक समझिे में समथड हो और जो,
यथाक्थथतत, सूचीबद्ध (लिजटिड) कंपिी के तिदेशक बोर्ड या संगिि के प्रिाि के समग्र
पयडिेिण के अिीि िीततयों, प्रक्रियाओं के अिुपािि, अलभिेख रखिे, अप्रकालशत कीमत
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संिदेिशीि जािकारी रखने संबंधी तियमों के पािि का अिुश्रिण करने, व्यापारों (ट्रेड)
का अिुश्रिण करने तथा इि वितियमों में वितिठदडष्र् संठहताओं के कायाडन्ियि के लिए
जिम्मेदार होगा;
(घ) "संबद्ध व्यक्तत",-
(i) से ऐसा कोई व्यक्तत अलभप्रेत है जो क्रकसी कंपिी से सहयुक्त है या संबंधित
कियाकिाप से छह महीिे पूिड की अिधि के दौराि सहयुक्त रहा हो, प्रत्यि रूप
से या अप्रत्यि रूप से, क्रकसी भी हैलसयत से, क्जसमें सक्म्मलित हैं - चाहे उसके
अधिकाररयों के साथ बार-बार संपकड के कारण हो अथिा क्रकसी संविदात्मक संबंध,
िैश्िालसक संबंध या कायभरत व्यजक्त (तियोजित व्यजक्त) के संबंि के तौर पर हो
अथिा कंपिी के तिदेशक, अधिकारी या कमडचारी के तौर पर हो अथिा िह कोई
पद िारण करता हो क्जसके अंतर्भत उसके तथा कंपिी के बीच िृक्त्तक या
कारबारी संबंि, चाहे अथथायी हो या थथायी, सक्म्मलित है, िो ऐसे व्यक्तत को,
प्रत्यितः या अप्रत्यितः, अप्रकालशत कीमत संिेदिशीि जािकारी तक पहुाँच
रखने देता हो अथिा जिसके संबंध में इस प्रकार पहुाँच रखने देना युक्ततयुतत रूप
से प्रत्यालशत हो ।
(ii) पूिडिती की व्यापकता पर प्रततकूि प्रभाि र्ािे बबिा, तिम्िलिखखत प्रिगों के
भीतर आिे िािे व्यक्ततयों के बारे में यह समझा जायेगा क्रक िे संबद्ध व्यक्तत हैं,
जब तक क्रक प्रततकूि लसद्ध िहीं हो जाता, -
(क). खंर् (i) में वितिठदडष्र् संबद्ध व्यक्ततयों का सीिा िातेदार; या
(ख). तियंत्री (होज्डंर्) कंपिी या सहयुतत कंपिी या समुिषंगी (सब्सीडडयरी)
कंपिी; या
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(ग). अधितियम की िारा 12 में यथा वितिठदडष्र् मध्यिती अथिा उसका कमडचारी
या तिदेशक; या
(घ). तििेश कंपिी (इन्िेटिमेंि कंपनी), न्यासी कंपिी (ट्रटिी कंपनी), आक्थत
प्रबंि कंपिी (एसेि मैनेिमेंि कंपनी) अथिा उनका कमडचारी या तिदेशक; या
(ङ). थर्ॉक एतसचेंज का अथिा समाशोिि गृह (क्िीयररंर् हाउस) या समाशोिि
तिगम (क्िीयररंर् कारपोरेशन) का अधिकारी; या
(च). पारथपररक तिधि (म्यूचुअि फंड) के न्यासी बोर्ड का सदथय या पारथपररक
तिधि की आक्थत प्रबंि कंपिी के तिदेशक बोर्ड का सदथय या उसका कमडचारी; या
(छ). कंपिी अधितियम, 2013 की िारा 2(72) में यथा पररभावषत िोक वित्तीय
संथथा (पजब्िक फाइनेंलशयि इंजटिट्यूशन) के तिदेशक बोर्ड का सदथय, या
कमडचारी; या
(ज). बोर्ड द्िारा मान्यताप्राप्त या प्राधिकृत थि-वितियामक संगिि का अधिकारी
या कमडचारी; या
(झ). कंपिी का बैंककार (बैंकर); या
(ञ). समुत्थाि, फमड, न्यास, ठहन्दू अविलभतत कुर्ुंब, कंपिी या व्यजक्तयों का
संगम क्जनमें कंपिी के तिदेशक या उसके सीधे िातेदार या कंपिी के बैंककार,
की िाररता (होज्डंर्) या का ठहत दस प्रततशत से अधिक हो;
टिप्पणः आशय यह है कक संबद्ध व्यजक्त िह व्यजक्त है जिसका कंपनी के साथ कोई ऐसा
संबंध हो जिसके कारण ऐसी प्रत्याशा हो कक अप्रकालशत कीमत संिदेिशीि जािकारी
उसके कब्िे में हो सकती है । सीधे नातेदारों और ऊपर विननर्दभष्ि अन्य प्रिर्ों के
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व्यजक्तयों को र्ी संबद्ध व्यजक्त माना िाता है, ककंतु यह तो एक र्ृहीत विधधक क्पना
है और जिसका खंडन ककया िा सकता है । इस पररर्ाषा का आशय इसके दायरे में
उन व्यजक्तयों को र्ी िाने का है िो कदाधचत कंपनी में कोई पद धारण न करते हों
ककंतु िो कंपनी तथा उसके अधधकाररयों के साथ ननयलमत संपकभ में रहते हों और िो
कंपनी के कायभकिापों के संबंध में िानकारी रखते हों । आशय यह है कक इसके दायरे
में उन व्यजक्तयों को र्ी िाया िाये िो ऐसे ककसी संबंध के फिटिरूप जिसके कारण
अप्रकालशत कीमत संिदेिशीि जािकारी उनके कब्िे में हो सकती हो, ककसी कंपनी या
ककसी िर्भ की कंपननयों से संबंधधत अप्रकालशत कीमत संिदेिशीि जािकारी तक पहुुँच
रख सकते हों या पहुुँच सकते हों ।
(ङ) "साधारणतः उपिब्ध िानकारी" से िह िानकारी अलर्प्रेत है जिस तक िनता बबना
ककसी र्ेदर्ाि के पहुुँच रख सकती हो;
टिप्पणः आशय यह पररर्ावषत करने का है कक साधारणतः उपिब्ध िानकारी क्या होती
है, ताकक यह आसानी से ननधाभररत हो सके और समझा िा सके कक अप्रकालशत कीमत
संिदेिशीि जािकारी क्या है । ककसी टिॉक एक्सचेंि के िेबसाइि पर प्रकालशत
िानकारी को, आम तौर पर साधारणत: उपिब्ध िानकारी माना िायेर्ा ।
(च) "सीधा नातेदार" से ककसी व्यजक्त का पनत या की पत्नी अलर्प्रेत है, और जिसमें ऐसे
व्यजक्त के अथिा उसके पनत या उसकी पत्नी के माता-वपता, र्ाई या बहन, तथा संतान
सजम्मलित है, जिनमें से कोई र्ी या तो ऐसे व्यजक्त पर वित्तीय रूप से आधित हो, या
ऐसे व्यजक्त से प्रनतर्ूनतयों (लसक्यूररिीज़) में व्यापार (ट्रेडडंर्) संबंधी ननणभय िेने
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(विननश्चय करने) के संबंध में परामशभ करता हो;
टिप्पणः आशय यह है कक "संबद्ध व्यक्तत" के सीधे नातेदार र्ी इन विननयमों के
प्रयोिनाथभ संबद्ध व्यजक्त बन िाते हैं । ननजश्चत ही, इसका खंडन ककया िा सकता है ।
(छ) "अंतरंर् व्यजक्त" से ऐसा कोई व्यजक्त अलर्प्रेत हैः
i) िो संबद्ध व्यजक्त हो; या
ii) जिसके कब्िे में अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी हो या िो अप्रकालशत
कीमत संिेदनशीि िानकारी तक पहुुँच रखता हो;
टिप्पण: चूुँकक "साधारणतः उपिब्ध िानकारी" तो पररर्ावषत है, कफर र्ी आशय यह है
कक ऐसे ककसी र्ी व्यजक्त को, जिसके कब्िे में अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी
हो या िो अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी तक पहुुँच रखता हो, "अंतरंर् व्यजक्त"
माना िाये, इस बात पर विचार ककये बबना कक ऐसी िानकारी उसके कब्िे में कैसे आयी
या ऐसी िानकारी तक िह कैसे पहुुँचा । ऐसे व्यजक्त के लिए विलर्न्ि पररजटथनतयाुँ
तििाडररत की र्ई हैं क्जिके अिुसार िह यह साबबत कर सकता है कक िह अंतरंर् व्यापार
में लिप्त नहीं रहा । इस प्रकार, इस पररर्ाषा का आशय इसके दायरे में ऐसे ककसी
व्यजक्त को िाने का है जिसे अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी प्राप्त हुई हो या
िो अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी तक पहुुँच रखता हो । इसलिए, यह साबबत
करने का दानयत्ि, कक व्यापार (ट्रेडडंर्) के समय अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी
ककसी अमुक व्यजक्त के कब्िे में थी या िह उस तक पहुुँच रखता था, उस व्यजक्त पर
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होर्ा िो ऐसा आरोप िर्ाता हो, जिसके बाद िह व्यजक्त जिसने उस समय व्यापार (ट्रेड)
ककया हो िब अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी उसके कब्िे में रही या उसकी उस
तक पहुुँच रही, यह साबबत कर सकेर्ा कक उसके कब्िे में ऐसी िानकारी नहीं थी या यह
कक उसने व्यापार (ट्रेड) नहीं ककया या िह ऐसी िानकारी तक पहुुँच नहीं रख सकता था
या यह कक ऐसी िानकारी उसके कब्िे में होने के दौरान उसके द्िारा ककया र्या व्यापार
(ट्रेडडंर्) पूरी तरह से क्षम्य पररजटथनतयों के दायरे में आता था ।
(ज) "संप्रितभक" (प्रोमोिर) का िही अथभ होर्ा िो र्ारतीय प्रनतर्ूनत और विननमय बोडभ
(पूुँिी का ननर्भमन और प्रकिीकरण अपेक्षाएुँ) विननयम, 2009 या उसके ककसी उपांतर के
अधीन इसके लिए ननयत है;
(झ) "प्रनतर्ूनतयों" (या "प्रनतर्ूनतयाुँ") का िही अथभ होर्ा िो प्रनतर्ूनत संविदा (विननयमन)
अधधननयम, 1956 (1956 का 42) या उसके ककसी उपांतर के अधीन इसके लिए ननयत
है, और जिनमें पारटपररक ननधध की यूननिें सजम्मलित नहीं होंर्ी;
(ञ) "विननर्दभष्ि" से बोडभ द्िारा लिखखत रूप में विननर्दभष्ि अलर्प्रेत है;
(र्) "अधधग्रहण संबंधी विननयमों" से र्ारतीय प्रनतर्ूनत और विननमय बोडभ (शेयरों का
पयाभप्त अिभन और अधधग्रहण) विननयम, 2011 और उसके कोई संशोधन अलर्प्रेत हैं;
(ि) "व्यापार" (ट्रेडडंर्) से अलर्प्रेत है और उसमें सजम्मलित है - ककन्हीं प्रनतर्ूनतयों में
अलर्दाय करना, को खरीदना, को बेचना, उनमें व्यौहार करना, या उनमें अलर्दाय करने,
को खरीदने, को बेचने, उनमें व्यौहार करने के लिए सहमत होना, और "ट्रेड" ("व्यापार")
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का अथभ तदनुसार िर्ाया िायेर्ा;
टिप्पण: संसदीय अधधदेश के अधीन, चूुँकक अधधननयम की धारा 12क (ङ) एिं धारा 15छ
में शब्दों 'प्रनतर्ूनतयों में व्यौहार' का प्रयोर् ककया र्या है, इसलिए आशय यह है कक
शब्द "व्यापार" (ट्रेडडंर्) को व्यापक रूप से पररर्ावषत ककया िाये ताकक उसके अंतर्भत
व्यौहार (डीलिंर्) र्ी शालमि हो सके । ऐसा करने का आशय अप्रकालशत कीमत
संिेदनशीि िानकारी के आधार पर ककये र्ये उन कियाकिापों पर काबू पाना है िो
अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी रहने के दौरान खरीदने, बेचने या अलर्दाय करने
की कोर्ि में पूरी तरह से नहीं आते, िैसे धर्रिी रखना आर्द ।
(र्) "व्यापार के र्दन" (ट्रेडडंर् डे) से िह र्दन अलर्प्रेत है जिस र्दन मान्यताप्राप्त टिॉक
एक्सचेंि व्यापार (ट्रेडडंर्) के लिए खुिे रहते हैं;
(ढ) "अप्रकालशत कीमत संिदेनशीि िानकारी" से कंपनी या उसकी प्रनतर्ूनतयों से,
प्रत्यक्षतः या अप्रत्यक्षतः, संबंधधत कोई ऐसी िानकारी अलर्प्रेत है, िो साधारणतः
उपिब्ध न हो जिसके साधारणतः उपिब्ध हो िाने पर प्रनतर्ूनतयों की कीमत के
ताजत्िक रूप से प्रर्ावित होने की संर्ािना हो सकती हो और जिसमें सामान्यत:
ननम्नलिखखत से संबंधधत िानकारी सजम्मलित होर्ी ककंतु िो ननम्नलिखखत तक ही
सीलमत नहीं होर्ी :-
(i) वित्तीय पररणाम;
(ii) िार्ांश;
(iii) पूुँिी संरचना (कैवपिि टट्रक्चर) में पररितभन;
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(iv) विियन (मिभर), अविियन (डी-मिभर), अिभन (एजक्िज़ीशन), असूचीबद्धताएुँ
(डीलिजटिंर्), व्ययन (डडटपोज़ि) तथा कारबार का विटतार और ऐसे अन्य संव्यिहार;
(v) मुख्य प्रबंधकीय कालमभकों में पररितभन; और
(vi) सूचीबद्धता करार (लिजटिंर् एग्रीमेंि) के अनुसार महत्त्िपूणभ घिनाएुँ ।
टिप्पण: आशय यह है कक कंपनी या प्रनतर्ूनतयों से संबंधधत िो िानकारी साधारणतः
उपिब्ध न हो, िह अप्रकालशत कीमत संिदेनशीि िानकारी होर्ी यर्द िनता के लिए
(पजब्िक डोमेन में) उसके उपिब्ध हो िाने पर कीमत के ताजत्िक रूप से प्रर्ावित होने
की संर्ािना हो सकती हो । िो-िो िानकारी सामान्यत: अप्रकालशत कीमत संिदेनशीि
िानकारी की कोर्ि में आती है, उसके कुछ उदाहरण मार्भदशभन प्रदान करने की दृजष्ि से
ऊपर र्दये र्ये हैं ।
(2) इि वितियमों में उपयोर् क्रकये गये तथा अपररभावषत ककंतु भारतीय प्रततभूतत और
वितिमय बोर्ड अधितियम, 1992 (1992 का 15), प्रततभूतत संविदा (वितियमि)
अधितियम, 1956 (1956 का 42), तििेपागार अधितियम, 1996 (1996 का 22) या
कंपिी अधितियम, 2013 (2013 का 18) और उिके अिीि बिाये र्ये तियमों तथा
वितियमों में पररर्ावषत शब्दों और पदों के िही अथड होंगे जो उि विधानों में िमशः
उिके लिए तियत हों ।
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अध्याय – II
अंतरंग व्यक्ततयों द्वारा संसूचना और व्यापार (ट्रेडडंग) पर ननर्बंधन
अप्रकाशित कीमत संवेदनिील जानकारी की संसूचना या उसकी प्राक्प्त
3.
(1)
कोई र्ी अंतरंर् व्यजक्त, ककसी कंपनी अथिा सूचीबद्ध या सूचीबद्ध ककये
िाने के लिए प्रटतावित प्रनतर्ूनतयों के संबंध में, ककसी व्यजक्त जिसमें अन्य अंतरंर्
व्यजक्त सजम्मलित हैं को कोई अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी संसूधचत नहीं
करेर्ा, उपिब्ध नहीं करायेर्ा, या ककसी अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी तक
पहुुँच रखने की अनुज्ञा नहीं देर्ा (रखने नहीं देर्ा), लसिाय िहाुँ िहाुँ ऐसी संसूचना
विधधसम्मत प्रयोिनों, कतभव्यों के पािन या विधधक बाध्यताओं के ननिभहन हेतु हो ।
दिप्पण : इस प्रािधान का आशय उन समटत अंतरंर् व्यजक्तयों, जिनके कब्िे में
अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी है, पर यह बाध्यता डािना है कक िे ऐसी
िानकारी को सािधानीपूिभक संर्ािकर रखें और अपना कारबार करते समय अपने पास
रखी िानकारी के संबंध में कायभिाही 'िानने की आिश्यकता के आधार पर ही' करें ।
इसका आशय यह र्ी है कक जिन संर्ठनों आर्द के कब्िे में िो िानकारी हो िे उस
िानकारी के संबंध में 'िानने की आिश्यकता' संबंधी लसद्धाुँतों के आधार पर पद्धनतयाुँ
विकलसत करें ।
(2)
कोई र्ी व्यजक्त, ककसी कंपनी अथिा सूचीबद्ध या सूचीबद्ध ककये िाने के लिए
प्रटतावित प्रनतर्ूनतयों के संबंध में, अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी रखने िािे
11
ककसी अंतरंर् व्यजक्त से कोई संसूचना प्राप्त नहीं करेर्ा या उससे कुछ र्ी संसूधचत नहीं
करिायेर्ा, लसिाय िहाुँ िहाुँ ऐसी संसूचना विधधसम्मत प्रयोिनों, कतभव्यों के पािन या
विधधक बाध्यताओं के ननिभहन हेतु हो ।
दिप्पण : इस प्रािधान का आशय अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी को विधधविरुद्ध
रूप से कब्िे में िेने पर रोक िर्ाना है । अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी को
उत्प्रेररत करना और उसे प्राप्त करना इस प्रािधान के तहत अिैध होर्ा, यर्द ऐसा ककसी
के विधधसम्मत कतभव्यों हेतु और बाध्यताओं के ननिभहन हेतु न ककया र्या हो ।
(3)
इस विननयम में दी हुई ककसी बात के होते हुए र्ी, ऐसे ककसी संव्यिहार
(ट्रांिेक्शन) के संबंध में, अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी संसूधचत की िा
सकेर्ी, अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी उपिब्ध करायी िा सकेर्ी, अप्रकालशत
कीमत संिेदनशीि िानकारी तक पहुुँच रखने की अनुज्ञा दी िा सकेर्ी या अप्रकालशत
कीमत संिेदनशीि िानकारी प्राप्त की िा सकेर्ी :–
(i)
जिसके अनुसार अधधग्रहण संबंधी विननयमों के अधीन खुिा प्रटताि
(ओपन ऑफर) िाने की बाध्यता हो िाये, िहाुँ कंपनी के ननदेशक बोडभ की सोच-
समझकर यह राय बनी हो कक प्रटतावित संव्यिहार कंपनी के सिोत्तम र्हत में
है;
दिप्पण : आशय यह है कक महत्त्िपूणभ संव्यिहारों, िैसे अधधग्रहणों, विियनों और
अिभनों, जिनके अंतर्भत प्रनतर्ूनतयों में व्यापार (ट्रेडडंर्) और ननयंत्रण में पररितभन
12
शालमि है, के संबंध में अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी को संसूधचत
करने, अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी को उपिब्ध कराने, अप्रकालशत
कीमत संिेदनशीि िानकारी तक पहुुँच रखने की अनुमनत देने या अप्रकालशत
कीमत संिेदनशीि िानकारी को प्राप्त करने की आिश्यकता को टिीकारा िाये,
ताकक र्ािी ननिेश का आकिन ककया िा सके । अधधग्रहण संबंधी विननयमों के
अधीन खुिे प्रटताि में, न केिि कंपनी के सर्ी शेयरधारकों को एक ही कीमत
उपिब्ध करायी िायेर्ी बज्क ऐसी समटत आिश्यक िानकारी [िो आम
शेयरधारकों को सोच-समझकर ननननभर्हत करने (डाइिेटिमेंि) या रखे रहने
(ररिेन्शन) का ननणभय िेने में समथभ बनाये] र्ी उन विननयमों के अधीन प्रटताि
पत्र (िेिर ऑफ ऑफर) में सर्ी शेयरधारकों को उपिब्ध करायी िानी अपेक्षक्षत
है।
(ii)
िो अधधग्रहण (िेकओिर) संबंधी विननयमों के अधीन खुिा प्रटताि िाने
की बाध्यता को आकृष्ि न करता हो, ककंतु िहाुँ कंपनी के ननदेशक बोडभ की सोच-
समझकर यह राय बनी हो कक प्रटतावित संव्यिहार कंपनी के सिोत्तम र्हत में है
और िो िानकारी अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी की कोर्ि में आती हो
िह ककये िाने िािे प्रटतावित संव्यिहार से व्यापार के कम से कम दो र्दन
(ट्रेडडंर् डे) पूिभ, ऐसे रूप में िैसा ननदेशक बोडभ अिधाररत करे, प्रसाररत की िाती
है, ताकक िह साधारणत: उपिब्ध हो िाये ।
दिप्पण : आशय यह है कक ऐसे संव्यिहारों के संबंध में र्ी अप्रकालशत कीमत
संिेदनशीि िानकारी को संसूधचत करने, अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी
13
को उपिब्ध कराने, अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी तक पहुुँच रखने देने
या अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी को प्राप्त करने की अनुमनत दी िाये,
जिनके अनुसार अधधग्रहण संबंधी विननयमों के अधीन खुिे प्रटताि की बाध्यता न
होती हो, यर्द ऐसा कंपनी के सिोत्तम र्हत में हो । हािाुँकक, ननदेशक बोडभ
(बोडभ ऑफ डायरेक्िसभ) प्रटतावित संव्यिहार से पहिे ही ऐसी अप्रकालशत कीमत
संिेदनशीि िानकारी के सािभिननक प्रकिीकरण करिायेर्ा, ताकक बािार में
िानकारी को िेकर यर्द कोई विषमता हो तो िह दूर हो सके ।
(4)
उप-विननयम (3) के प्रयोिनाथभ, ननदेशक बोडभ पक्षकारों (पार्िभयों) से यह अपेक्षा
करेर्ा कक िे र्ोपनीयता और अप्रकिीकरण (नॉन-डडटक्िोज़र) बाध्यताओं के संबंध में
करार ननष्पार्दत करें और ऐसे पक्षकार इस प्रकार प्राप्त िानकारी को र्ोपनीय रखेंर्े,
उप-विननयम (3) के प्रयोिन के लसिाय, और िे उस समय कंपनी की प्रनतर्ूनतयों में
अन्यथा व्यापार (ट्रेड) नहीं करेंर्े जिस समय अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी
उनके कब्िे में हो ।
उस समय व्यापार (ट्रेडडंग) जर्ब अप्रकाशित कीमत संवेदनिील जानकारी कब्जे में हो
4.
(1)
कोई र्ी अंतरंर् व्यजक्त प्रनतर्ूनतयों, िो टिॉक एक्सचेंि में सूचीबद्ध हों
या सूचीबद्ध ककये िाने के लिए प्रटतावित हों, में उस समय व्यापार (ट्रेड) नहीं करेर्ा
जिस समय अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी उसके कब्िे में हो:
परंतु यह कक अंतरंर् व्यजक्त पररजटथनतयों को दशाभकर अपनी ननदोवषता साबबत
कर सकता है, जिनमें ननम्नलिखखत पररजटथनतयाुँ सजम्मलित हैं :–
14
(i)
संव्यिहार (ट्रांिेक्शन) संप्रितभकों, जिनके कब्िे में िही अप्रकालशत कीमत
संिेदनशीि िानकारी थी, के बीच बािार से परे (ऑफ माकेि) परटपर
अंतरण विननयम 3 को र्ंर् ककये बबना हुआ और दोनों पक्षकारों (पार्िभयों)
ने व्यापार (ट्रेड) संबंधी ननणभय (विननश्चय) पूरी तरह से सोच-समझकर
लिया था;
(ii)
िो अंतरंर् व्यजक्त व्यजष्ि न हों, उनके मामिे में: –
(क)
व्यजष्ि, जिनके कब्िे में ऐसी अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि
िानकारी थी, व्यापार (ट्रेडडंर्) संबंधी ननणभय िेने (विननश्चय करने) िािे
व्यजष्ियों से लर्न्न थे और ननणभय िेने (विननश्चय करने) िािे ऐसे
व्यजष्ियों के कब्िे में उस समय ऐसी अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि
िानकारी नहीं थी िब उन्होंने व्यापार (ट्रेड) करने का ननणभय लिया
(विननश्चय ककया) था; और
(ख)
यह सुननजश्चत करने के लिए समुधचत और पयाभप्त इंतिाम ककये
र्ये कक इन विननयमों का अनतिमण न हो और जिन व्यजष्ियों के कब्िे
में िानकारी थी उन व्यजष्ियों द्िारा कोई र्ी अप्रकालशत कीमत
संिेदनशीि िानकारी व्यापार (ट्रेडडंर्) संबंधी ननणभय िेने (विननश्चय करने)
िािे व्यजष्ियों को संसूधचत नहीं की र्यी थी और ऐसे इंतिामों को र्ंर्
ककये िाने का कोई र्ी साक्ष्य नहीं है;
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(iii)
व्यापार (ट्रेड) विननयम 5 के अनुसार ननधाभररत की र्यी व्यापार योिना
(ट्रेडडंर् प्िान) के अनुसरण में ककये र्ये थे ।
टिप्पण : जिस समय प्रनतर्ूनतयों में व्यापार (ट्रेड) करने िािे व्यजक्त के कब्िे में
अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी रही हो, तो उस समय उसके द्िारा ककये
र्ये व्यापारों (ट्रेड) के बारे में यह माना िायेर्ा कक उसके द्िारा इस प्रकार ककये
र्ये व्यापार (ट्रेड) उसके कब्िे में रखी ऐसी िानकारी के र्ान से प्रेररत रहे ।
आशय यह है कक जिन कारणों से िह व्यापार (ट्रेड) करता है या जिन प्रयोिनों से
िह संव्यिहारों (ट्रांिेक्सन) की आर्में (प्रोसीड्स) िर्ाता है, ऐसे कारण या ऐसे
प्रयोिन यह तय करने के लिए उपयुक्त नहीं हैं कक ककसी व्यजक्त ने विननयम
का उ्िंघन (अनतिमण) ककया है या नहीं । आरोप िर्ाते समय ही यह साबबत
करना आिश्यक होर्ा कक उसने व्यापार (ट्रेड) उस समय ककया िब अप्रकालशत
कीमत संिेदनशीि िानकारी उसके कब्िे में थी । एक बार िब यह लसद्ध हो
िाये, तो अंतरंर् व्यजक्त परंतुक में उज्िखखत पररजटथनतयों को दशाभकर अपनी
ननदोवषता (बेर्ुनाही) साबबत कर सकता है, ऐसा न ककये िाने पर यह माना
िायेर्ा कक उसने प्रनतषेध का उ्िंघन (अनतिमण) ककया होर्ा ।
(2)
संबद्ध व्यजक्तयों के मामिे में, यह लसद्ध करने का दानयत्ि कक अप्रकालशत कीमत
संिेदनशीि िानकारी उनके कब्िे में नहीं थी, ऐसे संबद्ध व्यजक्तयों पर होर्ा और अन्य
मामिों में यह दानयत्ि बोडभ पर होर्ा ।
(3)
बोडभ, समय-समय पर, ऐसे मानक और अपेक्षाएुँ विननर्दभष्ि कर सकेर्ा, िैसा यह
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इन विननयमों के प्रयोिनाथभ आिश्यक समझे ।
व्यापार (ट्रेडडंग) योजनाएँ
5. (1) अंतरंर् व्यजक्त व्यापार योिना बनाने का हकदार होर्ा और उसे अनुपािन
अधधकारी को अनुमोदन तथा सािभिननक प्रकिीकरण के लिए पेश करेर्ा जिसके अनुसरण
में व्यापार (ट्रेड) उसकी ओर से ऐसी योिना के अनुसार ककये िा सकेंर्े ।
टिप्पणः इस प्रािधान का आशय उन व्यजक्तयों को एक विक्प देने का है जिनके कब्िे
में अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी हमेशा रहती हो और उन्हें ननयमबद्ध रूप से
प्रनतर्ूनतयों में व्यापार (ट्रेड) करने में समथभ बनाने का है । इस प्रािधान से अंतरंर्
व्यजक्त व्यापार योिना बनाने में समथभ होर्ा, ताकक िह र्विष्य में ककये िाने िािे
व्यापारों (ट्रेड) के लिए योिना बना सके । ऐसा करने से, व्यापार योिना के तहत
िाटति में व्यापार (ट्रेड) ककये िाने के समय अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी का
होना, ऐसे व्यापारों (ट्रेड) को करने से प्रनतवषद्ध नहीं करेर्ा जिनके संबंध में िह
अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी बनने से पहिे ही ननणभय िे चुका था ।
(2) ऐसी व्यापार योिना के अंतर्भतः-
(i) योिना के सािभिननक प्रकिीकरण से छह महीनों तक अंतरंर् व्यजक्त की ओर से
व्यापार (ट्रेडडंर्) प्रारंर् नहीं ककया िायेर्ा;
टिप्पणः आशय यह है कक व्यापार योिना का िार् पाने के लिए, छह महीनों की विराम-
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अिधध (कूलिंर्-ऑफ पीररयड) आिश्यक है । ऐसी अिधध उस अप्रकालशत कीमत
संिेदनशीि िानकारी, िो व्यापार योिना बनाते समय अंतरंर् व्यजक्त के कब्िे में हो,
के साधारणतः उपिब्ध िानकारी बनने के लिए काफी िंबी मानी िाती है । इसे उस
समय-अंतराि के लिए र्ी उधचत अिधध माना िा सकता है जिसके दौरान नयी
अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी आ सकती हो, उस व्यापार योिना पर प्रनतकूि
प्रर्ाि डािे बबना िो पहिे से ही बनायी र्यी हो । प्रत्येक जटथनत में, यह ध्यान रहे कक
यह तो केिि कानूनी तौर पर दी र्यी विराम-अिधध है और इससे कारभिाई से उन्मुजक्त
नहीं लमिेर्ी यर्द अंतरंर् व्यजक्त के कब्िे में िही अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि
िानकारी योिना बनाये िाने के समय और उसे कायाभजन्ित ककये िाने के समय थी ।
(ii) ककसी वित्तीय अिधध, जिसके लिए पररणामों की घोषणा प्रनतर्ूनतयों के ननर्भमकताभ
(इश्युअर) द्िारा की िानी अपेक्षक्षत हो, के अंनतम र्दन से पूिभ के व्यापार के बीसिें र्दन
और ऐसे वित्तीय पररणामों के प्रकिीकरण के पश्चात् व्यापार के दूसरे र्दन के बीच की
अिधध के दौरान व्यापार (ट्रेडडंर्) नहीं ककया िायेर्ा;
टिप्पणः चूुँकक व्यापार योिना की क्पना उस साधारण ननयम के अपिाद के रूप में की
र्यी है, जिसके अनुसार अंतरंर् व्यजक्त उस समय व्यापार (ट्रेडडंर्) नहीं कर सकते जिस
समय उनके कब्िे में अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी हो, इसलिए यह
महत्त्िपूणभ है कक व्यापार योिना के अंतर्भत ऐसी मुनालसब अिधध के दौरान व्यापार
(ट्रेडडंर्) न ककया िाये िो वित्तीय पररणाम घोवषत ककये िाने के आस-पास की अिधध
हो क्योंकक उससे अप्रकालशत कीमत संिेदिशीि जािकारी उत्पन्न हो सकती हो ।
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(iii) कम से कम बारह महीनों की अिधध के लिए व्यापार (ट्रेडडंर्) होर्ा;
टिप्पणः आशय यह है कक छोिी-छोिी अिधधयों के लिए व्यापार योिनाओं की बार-बार
घोषणाएुँ करना अिुधचत होर्ा क्योंकक इनसे व्यापार (ट्रेड) करने के ननणभय और िाटति
में व्यापार (ट्रेड) ककये िाने के बीच एक मुनालसब समय-अंतराि का तकभ महत्त्िहीन हो
िायेर्ा । इसलिए, यह महसूस ककया र्या कक बारह महीनों का समय उधचत रहेर्ा ।
(iv) व्यापार (ट्रेडडंर्) ऐसी अिधध के लिए नहीं होर्ा जिसके दौरान दूसरी व्यापार योिना
पहिे से ही विद्यमान हो;
टिप्पणः आशय यह है कक एक ही समयािधध के दौरान अनेक व्यापार योिनाएुँ चिाना
उधचत नहीं होर्ा । चूंकक अंतरंर् व्यजक्त के लिए यह संर्ि होर्ा कक िह अप्रकालशत
कीमत संिेदनशीि िानकारी को साधारणतः उपिब्ध िानकारी बनाने के लिए उसे
प्रकालशत करने हेतु समय ननधाभररत करे, बिाय इसके कक िह व्यापारों (ट्रेड) का समय
ननधाभररत करे, इसके लिए यह िरूरी है कक एक ही समयािधध के दौरान एक से अधधक
योिना शुरू ही न की िा सके ।
(v) या तो ककये िाने िािे व्यापारों (ट्रेड) के मू्य का या कफर जिन प्रनतर्ूनतयों का
व्यापार (ट्रेड) ककया िाना हो उन प्रनतर्ूनतयों की संख्या का, व्यापार (ट्रेड) के टिरूप के
साथ-साथ, और उन अंतरािों, या उन तारीखों का उ्िेख होर्ा, िब ऐसे व्यापार (ट्रेड)
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ककये िायेंर्े; और
टिप्पणः आशय यह है कक िहाुँ विननयम इस बारे में अधधक ननदेशात्मक और कडे नहीं
होने चार्हए कक व्यापार योिना के अंतर्भत क्या-क्या होना चार्हए, तो िहीं उनके अंतर्भत
कुछ ऐसे मूिर्ूत मानदंड ननधाभररत होने चार्हए िो व्यापार योिना में ननर्हत हों और
जिनके दायरे में योिना बनाते समय पूरी िचक रहे । व्यापार योिना के अंतर्भत
व्यापारों (ट्रेड) का टिरूप, अथाभत् अिभन या व्ययन (डडटपोज़ि), ननधाभररत ककया िाना
चार्हए। व्यापार योिना के अंतर्भत उन प्रनतर्ूनतयों के मू्य को या उन प्रनतर्ूनतयों की
संख्या को र्ी ननधाभररत ककया िा सकेर्ा जिन प्रनतर्ूनतयों में ननिेश ककया िाना हो या
जिन प्रनतर्ूनतयों को ननननभर्हत (डायिेटि) ककया िाना हो । योिना के अंतर्भत ननजश्चत
तारीखें और ननजश्चत समय-अंतराि ननधाभररत ककये िा सकेंर्े ।
(vi) बािार के दुरुपयोर् के लिए प्रनतर्ूनतयों में व्यापार (ट्रेडडंर्) नहीं ककया िायेर्ा ।
टिप्पणः ऐसी व्यापार योिना के आधार पर ककया र्या व्यापार (ट्रेडडंर्) बािार दुरुपयोर्
संबंधी कायभिार्हयों से पूणभ उन्मुजक्त प्रदान नहीं करेर्ा । उदाहरण के लिए, विननयम 4
के साथ िोड-तोड करके व्यापार योिना के तहत व्यापार (ट्रेडडंर्) फायदेमंद हो सके, यह
सुननजश्चत करने के लिए अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी र्दये िाने के समय में
हेरफेर ककये िाने की दशा में, र्ारतीय प्रनतर्ूनत और विननमय बोडभ (प्रनतर्ूनत बािार से
संबंधधत कपिपूणभ और अऋिु व्यापाररक व्यापारों का प्रनतषेध) विननयम, 2003 के
कधथत उ्िंघन हेतु कायभिार्हयाुँ शुरू की िा सकेंर्ी ।
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(3) अनुपािन अधधकारी यह ननधाभररत करने के लिए व्यापार योिना की समीक्षा करेर्ा
कक क्या इस योिना से इन विननयमों के अनतिमण की कोई संर्ािना हो सकती है और
िह ऐसे टपष्ि िचनों की माुँर् करने का हकदार होर्ा िो ऐसे ननधाभरण को समथभ बनाने
और योिना के अनुमोदन तथा उसके कायाभन्ियन के अनुििण के लिए आिश्यक हों ।
टिप्पणः आशय यह है कक अनुपािन अधधकारी को योिना की समीक्षा करनी होर्ी और
उसे अनुमोर्दत करना होर्ा (मंिूरी देनी होर्ी) । ऐसा करने के लिए, िह अंतरंर्
व्यजक्त से यह घोषणा करने की अपेक्षा कर सकेर्ा कक उसके कब्िे में अप्रकालशत कीमत
संिेदनशीि िानकारी नहीं है या यह कक िह यह सुननजश्चत करेर्ा कक िो र्ी अप्रकालशत
कीमत संिेदनशीि िानकारी उसके कब्िे में हो िह अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि
िानकारी उसके द्िारा व्यापार (ट्रेड) प्रारंर् ककये िाने से पहिे साधारणतः उपिब्ध हो
िाये । एक बार समाधान हो िाने पर, िह व्यापार योिना को अनुमोर्दत कर (मंिूरी
दे) सकेर्ा, जिसे कफर इन विननयमों के अनुसार कायाभजन्ित करना होर्ा ।
(4) एक बार अनुमोर्दत हो िाने के पश्चात् व्यापार योिना अप्रनतसंहरणीय होर्ी और
अंतरंर् व्यजक्त को अननिायभतः योिना कायाभजन्ित करनी होर्ी, और इस प्रकार न तो िह
इससे विचलित होने का हकदार होर्ा और न ही िह व्यापार योिना के दायरे से बाहर
प्रनतर्ूनतयों में कोई व्यापार (ट्रेड) करने का हकदार होर्ा:
परंतु यह कक व्यापार योिना का कायाभन्ियन प्रारंर् नहीं ककया िायेर्ा यर्द कोई
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अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी, िो योिना बनाने के समय अंतरंर् व्यजक्त के
कब्िे में हो, कायाभन्ियन के प्रारंर् के समय साधारणतः उपिब्ध न हुई हो और ऐसी
दशा में अनुपािन अधधकारी यह पुजष्ि करेर्ा कक प्रारंर् को ऐसी अप्रकालशत कीमत
संिेदनशीि िानकारी के साधारणतः उपिब्ध िानकारी बन िाने तक आटथधर्त कर
र्दया िाये जिससे कक विननयम 4 के उप-विननयम (1) के अनतिमण से बचा िा सके ।
टिप्पणः आशय यह है कक चूुँकक व्यापार योिना इस साधारण ननयम की एक अपिाद है
कक अंतरंर् व्यजक्त (इनसाइडर) को उस समय व्यापार (ट्रेड) नहीं करना चार्हए जिस
समय अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी उसके कब्िे में हो, इसलिए योिना में
बदिाि करना या उसके दायरे से बाहर व्यापार (ट्रेडडंर्) करना इस अपिाद के पीछे छुपे
मकसद को बेअसर कर देर्ा । व्यापार योिना का असर बािार के अन्य ननिेशकों
द्िारा लिए िाने िािे व्यापार (ट्रेडडंर्) संबंधी ननणभयों पर और कीमत-ननधाभरण पर र्ी
पडेर्ा । इसलिये, यह उधचत या उपयुक्त नहीं है कक अंतरंर् व्यजक्त को उस व्यापार
योिना से विचलित होने (में बदिाि करने) की अनुमनत दी िाये जिसके आधार पर
बािार में दूसरों ने प्रनतर्ूनतयों के संबंध में अपनी राय कायम की हो ।
ऊपर र्दये र्ये परंतुक का आशय उस संर्ािना पर र्ौर करना है कक व्यापार योिना
बनाये िाने और इसे शुरू ककये िाने के बीच के छह महीने के अंतराि के बाििूद यह
हो सकता है कक िो अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी अंतरंर् व्यजक्त के कब्िे में
हो, िह अब र्ी साधारणतः उपिब्ध न हो । ऐसी जटथनत में, योिना शुरू करना उस
अध्यारोही लसद्धाुँत के विरोध में होर्ा कक ऐसी िानकारी कब्िे में होने के दौरान व्यापार
22
(ट्रेड) न ककये िायें । यर्द िही अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी अब र्ी अंतरंर्
व्यजक्त के कब्िे में हो, तो व्यापार योिना के ननष्पादन के प्रारंर् को आटथधर्त कर
र्दया िाना (िाि देना) चार्हए ।
(5) व्यापार योिना का अनुमोदन हो िाने पर, अनुपािन अधधकारी योिना उन टिॉक
एक्सचेंिों को सूधचत करेर्ा जिन टिॉक एक्सचेंिों में प्रनतर्ूनतयाुँ सूचीबद्ध हों ।
टिप्पणः आशय यह है कक विननयम 4 के अंतर्भत प्रनतषेधात्मक ननयम के एक अहम
अपिाद के मद्देनज़र, यह अपेक्षक्षत है कक व्यापार योिना िनता को प्रसाररत की िाये ।
बडे पैमाने पर बािार में ननिेश करने िािे ननिेशक र्ी प्रनतर्ूनतयों के अपने आकिन में
और कीमत-ननधाभरण में व्यापार योिना के अंतर्भत ननर्हत संर्ावित संकेतकों पर इस
आधार पर र्ौर करेंर्े कक अंतरंर् व्यजक्त अपनी व्यापार योिना में प्रनतर्ूनतयों से
संबंधधत संर्ािनाओं को कैसे देखते हैं या प्रनतर्ूनतयों के प्रनत उनका क्या नज़ररया है ।
23
अध्याय – III
अंतरंग व्यक्ततयों द्वारा व्यापार (ट्रेडडंग) के प्रकिीकरण
साधारण उपर्बंध
6. (1)
इस अध्याय के अधीन प्रत्येक सािभिननक प्रकिीकरण ऐसे प्ररूप में ककया
िायेर्ा िैसा विननर्दभष्ि ककया िाये ।
(2)
इस अध्याय के अधीन ककसी व्यजक्त द्िारा ककये िाने िािे प्रकिीकरणों में िे
प्रकिीकरण सजम्मलित होंर्े िो ऐसे व्यजक्त के सीधे नातेदारों द्िारा व्यापार (ट्रेडडंर्),
और ककसी अन्य व्यजक्त, जिसके लिए ऐसा व्यजक्त व्यापार (ट्रेडडंर्) से संबंधधत ननणभय
िेता (विननश्चय करता) हो, द्िारा व्यापार (ट्रेडडंर्) से संबंधधत हों ।
दिप्पण : आशय यह है कक न केिि संबंधधत व्यजक्त द्िारा ककये र्ये व्यापारों (ट्रेड) का
प्रकिीकरण करना होर्ा बज्क सीधे नातेदारों द्िारा ककये र्ये व्यापारों (ट्रेड) का र्ी
प्रकिीकरण करना होर्ा, और ऐसे ककन्हीं अन्य व्यजक्तयों द्िारा ककये र्ये व्यापारों (ट्रेड)
का र्ी प्रकिीकरण करना होर्ा जिनके लिए संबंधधत व्यजक्त व्यापार (ट्रेडडंर्) संबंधी
ननणभय (विननश्चय) िेता हो । इन विननयमों का मुख्य उद्देश्य ऐसी जटथनत में व्यापार
(ट्रेडडंर्) से होने िािे दुरुपयोर् को रोकना है िब अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी
कब्िे में हो, और इसीलिये मायने यह रखता है कक क्या उस व्यजक्त के कब्िे में ऐसी
िानकारी है िो व्यापार (ट्रेडडंर्) संबंधी ननणभय िेता (विननश्चय करता) है न कक यह कक
क्या उस व्यजक्त के कब्िे में ऐसी िानकारी है जिसके पास व्यापारों (ट्रेड) का हक
24
(िाइिि) है ।
(3)
प्रनतर्ूनतयों में व्यापार (ट्रेडडंर्) के प्रकिीकरणों में प्रनतर्ूनतयों के व्युत्पजन्नयों
(डेररिेर्िि) में व्यापार (ट्रेडडंर्) र्ी सजम्मलित होर्ा और इस अध्याय के प्रयोिनाथभ
व्युत्पजन्नयों के व्यापाररत मू्य (ट्रेडडड िै्यू) पर विचार ककया िायेर्ा :
परंतु यह कक प्रनतर्ूनतयों के व्युत्पजन्नयों में व्यापार (ट्रेडडंर्) तत्समय प्रिृत्त
ककसी विधध द्िारा अनुज्ञात हो ।
(4)
इस अध्याय के अधीन ककये र्ये प्रकिीकरण कंपनी द्िारा, पाुँच िषों की न्यूनतम
अिधध हेतु, ऐसे रूप में रखे िायेंर्े िैसा विननर्दभष्ि ककया िाये ।
कनतपय व्यक्ततयों द्वारा प्रकिीकरण
7. (1) आरंलर्क प्रकिीकरण
(क). प्रत्येक कंपनी, जिसकी प्रनतर्ूनतयाुँ ककसी मान्यताप्राप्त टिॉक एक्सचेंि में
सूचीबद्ध हों, का प्रत्येक संप्रितभक, मुख्य प्रबंधकीय कालमभक और ननदेशक
इन विननयमों के प्रर्ािी होने की तारीख को कंपनी की प्रनतर्ूनतयों की
अपनी धाररता (होज्डंर्), इन विननयमों के प्रर्ािी होने के तीस र्दनों के
र्ीतर कंपनी को प्रकि करेर्ा ;
(ख). कंपनी के मुख्य प्रबंधकीय कालमभक या ननदेशक के रूप में ननयुक्त होने पर
अथिा संप्रितभक बनने पर प्रत्येक व्यजक्त ननयुजक्त या संप्रितभक बनने की
तारीख को कंपनी की प्रनतर्ूनतयों की अपनी धाररता (होज्डंर्), ऐसी
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ननयुजक्त या इस प्रकार संप्रितभक बनने के सात र्दनों के र्ीतर कंपनी को
प्रकि करेर्ा ।
(2) सतत प्रकिीकरण
(क). प्रत्येक कंपनी का प्रत्येक संप्रितभक, कमभचारी और ननदेशक कंपनी को ऐसी
प्रनतर्ूनतयों (जिनका अिभन या व्ययन ककया र्या) की संख्या ऐसे
संव्यिहार (ट्रांिेक्शन) से व्यापार के दो र्दनों (ट्रेडडंर् डे) के र्ीतर प्रकि
करेर्ा यर्द व्यापाररत प्रनतर्ूनतयों के मू्य, ककसी किैंडर नतमाही के
दौरान चाहे एक संव्यिहार में या अनेक संव्यिहारों में, का योर् ऐसा
व्यापाररत मू्य हो िो दस िाख रुपये या ऐसे अन्य मू्य िैसा
विननर्दभष्ि ककया िाये से अधधक हो;
(ख). प्रत्येक कंपनी ऐसे व्यापार (ट्रेडडंर्) के ब्यौरे, ऐसी िानकारी के प्रकिीकरण
की प्राजप्त के या ऐसी िानकारी होने से व्यापार के दो र्दनों (ट्रेडडंर् डे) के
र्ीतर, उस टिॉक एक्सचेंि को सूधचत करेर्ी िहाुँ प्रनतर्ूनतयाुँ सूचीबद्ध
हों।
टपष्िीकरण. – शंकाओं को दूर करने के लिए यह टपष्ि ककया
िाता है कक इस उप-विननयम के अधीन ककसी प्रकिीकरण के पश्चात् और
होने िािे संव्यिहारों का प्रकिीकरण ककया िायेर्ा, िब पूिभ प्रकिीकरण
के पश्चात् ककये र्ये संव्यिहार उप-विननयम (2) के खंड (क) में
विननर्दभष्ि सीमा-रेखा (थ्रेसहो्ड) पार कर िायें ।
26
अन्य संबद्ध व्यजक्तयों द्िारा प्रकिीकरण
(3)
कोई कंपनी, जिसकी प्रनतर्ूनतयाुँ टिॉक एक्सचेंि में सूचीबद्ध हों, अपने
वििेकानुसार ककसी अन्य संबद्ध व्यजक्त या संबद्ध व्यजक्तयों के िर्भ से यह अपेक्षा कर
सकेर्ी कक िह कंपनी की प्रनतर्ूनतयों में धाररताओं (होज्डंग्स) तथा व्यापार (ट्रेडडंर्) के
प्रकिीकरण ऐसे प्ररूप में और ऐसे अंतराि पर करे, िैसा इन विननयमों के अनुपािन के
अनुििण के लिए कंपनी द्िारा अिधाररत ककया िाये ।
दिप्पण : यह प्रािधान सूचीबद्ध (लिजटिड) कंपननयों को उनसे िानकारी माुँर्ने में समथभ
बनाता है जिनको सूचीबद्ध कंपननयों द्िारा अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी
उपिब्ध करानी होती है । यह प्रािधान ककसी कंपनी को ऐसी िानकारी मंर्ाने का
अधधकार प्रदान करता है । उदाहरण के लिए, सूचीबद्ध कंपनी यह कह सकती है कक
प्रबंध परामशभदाता, िो उसे कारपोरेि नीनत के संबंध में सिाह देर्ा और जिससे
अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी की समीक्षा करना अपेक्षक्षत होर्ा, अपने व्यापारों
(ट्रेड) के प्रकिीकरण कंपनी को करे ।
27
अध्याय – IV
उचचत प्रकिीकरण संटहता और आचार संटहता
उचचत प्रकिीकरण संटहता
8.
(1)
प्रत्येक कंपनी, जिसकी प्रनतर्ूनतयाुँ टिॉक एक्सचेंि में सूचीबद्ध हों, का
ननदेशक बोडभ, अप्रकालशत कीमत संिेदिशीि जािकारी के उधचत प्रकिीकरण के लिए
पद्धनत एिं प्रकिया संर्हता बनायेर्ा और उसे अपने अधधकृत िेबसाइि पर प्रकालशत करेर्ा
जिसका अनुसरण िह कंपनी इन विननयमों की अनुसूची-क में ननधाभररत प्रत्येक लसद्धाुँत
का पािन करने के लिए करेर्ी, और साथ ही ककसी र्ी प्रकार से इन विननयमों के
उपबंधों के प्रर्ाि को कम नहीं ककया िायेर्ा ।
दिप्पण : इस प्रािधान का आशय प्रत्येक कंपनी, जिसकी प्रनतर्ूनतयाुँ टिॉक एक्सचेंिों में
सूचीबद्ध हों, से यह अपेक्षा करना है कक िह ऐसी घिनाओं आर्द के उधचत प्रकिीकरण
हेतु एक ननजश्चत ढाुँचा और नीनत बनाये, िो बािार में उसकी प्रनतर्ूनतयों के कीमत-
तििाडरण (प्राइस डर्सतिरी) को प्रर्ावित कर सकती हों । अनुसूची में लसद्धाुँत ननधाभररत
ककये र्ये हैं, िैसे कक िानकारी तक पहुुँच रखने की समानता के, नीनतयों (िैसे िार्ांश
संबंधी, इनऑर्ेननक ग्रोथ पसूभट्स संबंधी, विश्िेषकों के साथ कॉ्स तथा बैठकों संबंधी)
के प्रकाशन के, ऐसी कॉ्स तथा बैठकों की अनुलिवपयों के प्रकाशन के, और इसी तरह
की अन्य बातों के ।
(2)
अप्रकालशत कीमत संिेदिशीि जािकारी के उधचत प्रकिीकरण के लिए प्रत्येक
28
ऐसी पद्धनत एिं प्रकिया संर्हता और उसके प्रत्येक संशोधन की सूचना तुरंत उन टिॉक
एक्सचेंिों को दी िायेर्ी, िहाुँ प्रनतर्ूनतयाुँ सूचीबद्ध हों ।
दिप्पण : इस प्रािधान का उद्देश्य उप-विननयम (1) के अंतर्भत बनायी र्यी नीनत के
पारदशी प्रकिीकरण की अपेक्षा करना है ।
आचार संटहता
9.
(1)
प्रत्येक सूचीबद्ध कंपनी का ननदेशक बोडभ और बािार मध्यिती, इन
विननयमों के अनुपािन हेतु, अपने कमभचाररयों और अन्य संबद्ध व्यजक्तयों द्िारा ककये
िाने िािे व्यापार (ट्रेडडंर्) को विननयलमत करने, उसका अनुििण करने तथा उसकी
ररपोिभ देने के लिए एक आचार संर्हता बनायेर्ा, जिसके अंतर्भत इन विननयमों की
अनुसूची-ख में ननधाभररत न्यूनतम मानकों को अपनाया िायेर्ा और साथ ही ककसी र्ी
प्रकार से इन विननयमों के उपबंधों के प्रर्ाि को कम नहीं ककया िायेर्ा ।
दिप्पण : आशय यह है कक प्रत्येक कंपनी, जिसकी प्रनतर्ूनतयाुँ टिॉक एक्सचेंिों में
सूचीबद्ध हों, और भारतीय प्रततभूतत और वितिमय बोर्ड के पास रजिटट्रीकृत प्रत्येक बािार
मध्यिती (इंिरमीडडयरी) से अननिायभ रूप से यह अपेक्षक्षत हो कक िह अपने कमभचाररयों
द्िारा ककये िाने िािे व्यापार (ट्रेडडंर्) को विननयलमत करने हेतु एक आचार संर्हता
बनाये । यह अपेक्षक्षत है कक अनुसूची में ननधाभररत मानकों का समािेश ऐसी आचार
संर्हता में अिश्य हो ।
(2)
प्रत्येक अन्य व्यजक्त, जिससे कारबारी कायभकिापों के दौरान अप्रकालशत कीमत
संिेदनशीि िानकारी से संबंधधत कामकाि देखना अपेक्षक्षत हो, इन विननयमों के
29
अनुपािन हेतु, कमभचाररयों और अन्य संबद्ध व्यजक्तयों द्िारा ककये िाने िािे व्यापार
(ट्रेडडंर्) को विननयलमत करने, उसका अनुििण करने तथा उसकी ररपोिभ देने के लिए एक
आचार संर्हता बनायेर्ा, जिसके अंतर्भत इन विननयमों की अनुसूची-ख में ननधाभररत
न्यूनतम मानकों को अपनाया िायेर्ा और साथ ही ककसी र्ी प्रकार से इन विननयमों के
उपबंधों के प्रर्ाि को कम नहीं ककया िायेर्ा ।
दिप्पण : इस प्रािधान का आशय सूचीबद्ध कंपननयों और बािार मध्यिनतभयों
(इंिरमीडडयरीज़) से लर्न्न ऐसे व्यजक्तयों, जिनसे अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी
से संबंधधत कामकाि देखना अपेक्षक्षत हो, के लिए यह अननिायभ करना है कक िे अपने
कमभचाररयों द्िारा प्रनतर्ूनतयों में ककये िाने िािे व्यापार (ट्रेडडंर्) को विननयलमत करने
हेतु एक आचार संर्हता बनायें । इन एंर्िर्ियों के अंतर्भत सूचीबद्ध कंपननयों, बािार
मध्यिनतभयों और पूुँिी बािार (कैवपिि माकेि) के अन्य सहर्ाधर्यों (पार्िभलसपेंि) की
सहायता करने िािी या को सिाह देने िािी व्यिसानयक फमें शालमि हैं, िैसे
िेखापरीक्षक (ऑडडिर), एकाउंिेंसी फमें, विधध (िॉ) फमें, विश्िेषक (एनालिटि),
परामशभदाता (कन्सििेंि), आर्द । यहाुँ तक कक ऐसी एंर्िर्ियाुँ र्ी अप्रकालशत कीमत
संिेदनशीि िानकारी से संबंधधत कामकाि देख सकती हैं, िो सामान्यत: पूुँिी बािार के
बाहर कियाशीि हों । इस प्रािधान के अनुसार उन सर्ी को आचार संर्हता बनानी
होर्ी।
(3)
आचार संर्हता बनाने िािी प्रत्येक सूचीबद्ध कंपनी, बािार मध्यिती और अन्य
व्यजक्त इन विननयमों के अधीन आचार संठहता तथा अन्य अपेक्षाओं के पािन हेतु एक
अनुपािन अधधकारी का चयन करेर्ा और उसे पदालर्र्हत करेर्ा ।
30
दिप्पण : इस प्रािधान का आशय ककसी ज्येष्ठ अधधकारी को अनुपािन अधधकारी के रूप
में पदालर्र्हत करना है, िो आचार संठहता के पािन हेतु और इन विननयमों के अनुपािन
का अनुििण करने के लिए जिम्मेदार होर्ा ।
अध्याय – V
ववववध
अनतक्रमणों के शलए अनुिाक्तत
10.
इन विननयमों के ककसी उ्िंघन के संबंध में कारभिाई बोडभ द्िारा अधधननयम के
अनुसार की िायेर्ी ।
कटिनाइयों को दूर करने की िक्तत
11.
इन विननयमों के उपबंधों के ननिभचन या िार्ू होने के संबंध में ककन्हीं कर्ठनाइयों
को दूर करने के लिए, बोडभ को मार्भदशभन र्िप्पणों (र्ाइडेन्स नोट्स) या पररपत्रों (सकुभिसभ)
के माध्यम से ननदेश िारी करने की शजक्त होर्ी :
परंतु यह क्रक जहााँ कोई तिदेश बोर्ड द्िारा इि वितियमों के क्रकसी उपबंि के
तििडचि या िागू होिे के संबंि में क्रकसी वितिठदडष्र् मामिे में जारी क्रकया जाता है, तो
िहााँ ऐसा केिि संबंधधत व्यक्ततयों को सुििाई का उधचत अिसर ठदये जािे के पश्चात्
और तिदेश के कारणों को अलभलिखखत क्रकये जािे के पश्चात् क्रकया जायेगा ।
31
तनरसन और व्यािृत्ततयााँ
12.
(1)
भारतीय प्रततभूतत और वितिमय बोर्ड (अंतरंर् व्यापार का प्रनतषेध) विननयम,
1992 एतद्द्िारा ननरलसत ककये िाते हैं ।
(2)
ऐसा तिरसि हो िािे पर भी, -
(क)
तिरलसत वितियमों का पूिड प्रितडि अथिा उिके अिीि सम्यक् रूप से की गयी या सहि
की गयी कोई बात, तिरलसत वितियमों के अिीि अक्जडत, प्रोद्भूत या उपगत कोई अधिकार,
विशेषाधिकार, बाध्यता या दातयत्ि, तिरलसत वितियमों का उ्िंघन करते हुए क्रकये गये
क्रकसी अपराि की बाबत उपगत कोई शाक्थत, समपहरण या दंर्, अथिा यथापूिोतत क्रकसी ऐसे
अधिकार, विशेषाधिकार, बाध्यता, दातयत्ि, शाक्थत, समपहरण या दंर् की बाबत कोई अन्िेषण,
विधिक कायडिाही या उपचार, अप्रभावित रहेंगे मािो क्रक तिरलसत वितियम कभी तिरलसत ही ि
हुए हों ; और
(ख)
तिरलसत वितियमों के अिीि, ऐसे तिरसि के पूिड, की गयी ककसी बात या की गयी ककसी
कारडिाई अथिा क्रकये जािे के लिए तात्पतयडत ककसी बात या ककसी कारडिाई, क्जसमें प्रारंर् ककया
र्या कोई न्यायतिणडयि, जााँच या अन्िेषण अथिा जारी की गयी कारण बताओ सूचिा
सजम्मलित है, के बारे में यह समझा जायेगा क्रक िह इि वितियमों के तत्थथािी उपबंिों के
अिीि की गयी है ;
(3)
भारतीय प्रततभूतत और वितिमय बोर्ड (अंतरंर् व्यापार का प्रनतषेध) विननयम, 1992
के तिरसि के पश्चात्, बोर्ड द्िारा बिाये गये क्रकन्हीं अन्य वितियमों, तदिीि जारी मागडदशडक
लसद्धााँतों (र्ाइडिाइन्स) या पररपत्रों में उसके क्रकसी संदभड के बारे में यह समझा जायेगा क्रक िह इि
वितियमों के तत्थथािी उपबंिों के प्रतत एक संदभड है ।
32
अनुसूची - क
[विननयम 8 का उप-विननयम (1) देखें]
अप्रकाशित कीमत संिेिनिील जानकारी के उचचत प्रकिीकरण हेतु पद्धनत एवं प्रक्रक्रया
संटहता के प्रयोजनार्थ उचचत प्रकिीकरण के शसद्धाँत
1.
विश्िसनीय और ठोस िानकारी के आते ही अप्रकालशत कीमत संिेदिशीि
जािकारी (िो कीमत-ननधाभरण को प्रर्ावित कर सकती हो) का तुरंत सािभिननक
प्रकिीकरण, ताकक ऐसी िानकारी साधारणत: उपिब्ध हो सके ।
2.
अप्रकालशत कीमत संिेदिशीि जािकारी का एकसमान और व्यापक प्रसार, ताकक
चुननंदा प्रकिीकरण से बचा िा सके ।
3.
िानकारी के प्रसार और अप्रकालशत कीमत संिेदिशीि जािकारी के प्रकिीकरण
हेतु ककसी ज्येष्ठ अधधकारी को मुख्य ननिेशक संपकभ अधधकारी के रूप में पदालर्र्हत
करना ।
4.
जिस अप्रकालशत कीमत संिेदिशीि जािकारी का अनिाने में या अन्यथा चुननंदा
प्रकिीकरण हो र्या हो, उस अप्रकालशत कीमत संिेदिशीि जािकारी का तुरंत प्रसार
करना ताकक ऐसी िानकारी साधारणत: उपिब्ध हो सके ।
5.
समाचार ररपोिों पर आधाररत प्रश्नों आर्द और विननयामक प्राधधकरणों (रेग्यूिेिरी
33
ऑथाररिीज़) द्िारा बािार अफिाहों के सत्यापन के अनुरोधों के प्रनत उपयुक्त एिं
ननष्पक्ष प्रनतकिया ।
6.
यह सुननजश्चत करना कक विश्िेषकों और अनुसंधान कालमभकों के साथ साझा की
िाने िािी िानकारी अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी न हो ।
7.
विश्िेषकों के साथ बैठकों और अन्य ननिेश संपकभ संबंधी सम्मेिनों की
कायभिार्हयों की अनुलिवपयाुँ या के अलर्िेख अधधकृत िेबसाइि पर उपिब्ध कराने हेतु
सिोत्तम पद्धनतयाुँ विकलसत करना, ताकक आधधकाररक पुजष्ि और ककये र्ये प्रकिीकरणों
का डॉक्यूमेंिेशन सुननजश्चत हो सके ।
8.
िानने की आिश्यकता के आधार पर समटत अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि
िानकारी का प्रबंधन ।
34
अनुसूची - ख
[विननयम 9 का उप-विननयम (1) एिं उप-विननयम (2) देखें]
अंतरंग व्यक्ततयों द्वारा व्यापार (ट्रेडडंग) को ववननयशमत करने, उसका अनुश्रवण करने
तर्ा उसकी ररपोिथ देने संर्बंधी आचार संदिता हेतु न्यूनतम मानक
1.
अनुपािन अधधकारी ननदेशक बोडभ को ररपोिभ करेर्ा और विलशष्ितया, िेखापरीक्षा
(ऑडडि) सलमनत, यर्द कोई हो, के अध्यक्ष को या ननदेशक बोडभ के अध्यक्ष को ऐसे
अंतराि पर ररपोिें देर्ा, िैसा ननदेशक बोडभ द्िारा ननयत ककया िाये ।
2.
समटत िानकारी संर्ठन के र्ीतर ही, िानने की आिश्यकता के आधार पर, दी
िायेर्ी और कोई र्ी अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी ककसी व्यजक्त को संसूधचत
नहीं की िायेर्ी, लसिाय िहाुँ िहाुँ ऐसी संसूचना अंतरंर् व्यजक्त के विधधसम्मत
प्रयोिनों, कतभव्यों के पािन या उसकी विधधक बाध्यताओं के ननिभहन हेतु हो। आचार
संठहता में चाइनीज़ िॉि संबंधी उपयुक्त प्रकियाओं हेतु मानक, और ककसी पदालभठहत
व्यजक्त को "िॉस द िॉि" हेतु अनुमनत देने संबंधी प्रकियाएुँ शालमि होंर्ी ।
3.
संर्ठन में अपनी कायाभत्मक र्ूलमका के आधार पर पदालर्र्हत कमभचारी और
संबद्ध व्यजक्त (“पदाशभटहत व्यक्तत”) प्रनतर्ूनतयों में व्यौहार (डीलिंर्) को विननयलमत करने
िािी आंतररक आचार संठहता द्िारा विननयलमत होंर्े । ननदेशक बोडभ अनुपािन अधधकारी
के परामशभ से ऐसे पदालर्र्हत व्यजक्तयों को विननर्दभष्ि करेर्ा, जिन्हें संर्ठन में उनकी
र्ूलमका और कायभ के आधार पर ऐसी संर्हता के दायरे में िाया िाना हो । ज्येष्ठता
35
और पेशेबद्ध पद के अिािा, उस पहुुँच पर र्ी पूरा ध्यान र्दया िायेर्ा जिसके अनुसार
ऐसी र्ूलमका और ऐसे कायभ के फिटिरूप अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी तक
पहुुँच उपिब्ध होती हो ।
4.
पदालर्र्हत व्यजक्त इन विननयमों के अनुपािन के अध्यधीन व्यापार (ट्रेड) कर
सकेंर्े । इस उद्देश्य हेतु, आनुमाननक व्यापार पिि (नोशनि ट्रेडडंर् विंडो) का इटतेमाि
पदालभठहत व्यजक्तयों द्िारा ककये िाने िािे व्यापार (ट्रेडडंर्) पर ननर्रानी रखने (को
मॉनीिर करने) के एक िररये के तौर पर ककया िायेर्ा । व्यापार पिि (ट्रेडडंर् विंडो)
तब बंद कर र्दया िायेर्ा िब अनुपािन अधधकारी को यह ननजश्चत हो िाये कक ऐसी
युजक्तयुक्त प्रत्याशा है कक पदालभठहत व्यजक्त या पदालभठहत व्यजक्तयों के िर्भ के कब्िे
में अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी है । इस प्रकार ऐसी प्रनतर्ूनतयों के संबंध में
व्यापार पिि (ट्रेडडंर् विंडो) बंद कराया िायेर्ा, जिनसे ऐसी अप्रकालशत कीमत
संिेदनशीि िानकारी संबंध रखती हो । जिस समय व्यापार पिि (ट्रेडडंर् विंडो) बंद हो,
उस समय पदालभठहत व्यजक्त और उनके सीधे नातेदार प्रनतर्ूनतयों में व्यापार (ट्रेड) नहीं
करेंर्े ।
5.
व्यापार पिि (ट्रेडडंर् विंडो) के पुन: खुिने का समय अनुपािन अधधकारी द्िारा
विलर्न्न कारकों पर विचार करके तय ककया िायेर्ा, जिनमें सजम्मलित हैं – संबद्ध
अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी का साधारणतः उपिब्ध िानकारी बन िाना और
बािार द्िारा समािेश के िायक बनना, िो ककसी र्ी दशा में िानकारी के साधारणतः
उपिब्ध िानकारी बन िाने के पश्चात् अडतािीस घंिों से पहिे नहीं होर्ा। व्यापार
पिि (ट्रेडडंर् विंडो) ऐसे ककसी व्यजक्त के लिए र्ी िार्ू होर्ा जिसका कंपनी के साथ
36
संविदात्मक या िैश्िालसक संबंध हो, िैसे िेखापरीक्षक (ऑडडिर), अकाउंिेंसी फमें, विधध
(िॉ) फमें, विश्िेषक, परामशभदाता, आर्द, िो कंपनी की सहायता करते हों या को सिाह
देते हों ।
6.
जिस समय व्यापार पिि (ट्रेडडंर् विंडो) खुिा हो, उस समय पदालभठहत व्यजक्तयों
द्िारा व्यापार (ट्रेडडंर्) अनुपािन अधधकारी की पूिड-मंजूरी के अध्यधीन होर्ा, यर्द
प्रटतावित व्यापारों (ट्रेड) का मू्य ऐसी सीमाओं (थ्रेसहो्ड) से अधधक हो, िो ननदेशक
बोडभ ननधाभररत करे । कोई र्ी पदालभठहत व्यजक्त ककसी प्रटतावित व्यापार (ट्रेड) की पूिड-
मंजूरी के लिए आिेदन नहीं करेर्ा यर्द ऐसे पदालभठहत व्यजक्त के कब्िे में अप्रकालशत
कीमत संिेदनशीि िानकारी हो कफर र्िे ही व्यापार पिि (ट्रेडडंर् विंडो) बंद न हुआ हो।
7.
अनुपािन अधधकारी र्ोपनीय रूप से ऐसी प्रनतर्ूनतयों की सूची "ननबंधधत सूची" के
रूप में रखेर्ा, जिसका इटतेमाि व्यापारों (ट्रेड) की पूिड-मंजूरी के आिेदनों को मंिूर
(अनुमोर्दत) करने या नामंिूर करने के आधार के तौर पर ककया िायेर्ा ।
8.
ककन्हीं व्यापारों (ट्रेड) को अनुमोर्दत करने से पूिभ, अनुपािन अधधकारी इस आशय
की घोषणाएुँ मंर्ाने का हकदार होर्ा कक पूिड-मंजूरी हेतु आिेदन करने िािे आिेदक के
कब्िे में कोई अप्रकालशत कीमत संिेदनशीि िानकारी नहीं है । िह इस बात पर र्ी
ध्यान देर्ा कक क्या कोई ऐसी घोषणा तकभसंर्त रूप से र्ित ठहरायी िा सकने योग्य
है।
9.
आचार संठहता में ककसी ऐसी उपयुक्त समय-सीमा का उ्िेख होर्ा, िो ककसी र्ी
दशा में व्यापार के सात र्दनों (ट्रेडडंर्-डे) से अधधक नहीं होर्ी, जिसके र्ीतर पदालभठहत
37
व्यजक्त को िे व्यापार (ट्रेड) करने होंर्े जिनके लिए पूिभ-मंिूरी दी िा चुकी हो, ऐसा न
होने की जटथनत में ककये िाने िािे व्यापारों (ट्रेड) के लिए कफर से पूिड-मंजूरी िेनी होर्ी।
10.
आचार संठहता में उस अिधध का उ्िेख होर्ा, िो ककसी र्ी दशा में छह महीनों
से कम की नहीं होर्ी, जिसके र्ीतर िह पदालभठहत व्यजक्त जिसे व्यापार (ट्रेड) करने की
अनुमनत हो, कॉण्ट्ट्रा ट्रेड नहीं करेर्ा । अनुपािन अधधकारी को यह शजक्त दी िा सकेर्ी
कक िह, ऐसे कारणों से िो लिखखत रूप में अलर्लिखखत ककये िायेंर्े, ऐसे ननबंधन के
कडाई से िार्ू होने को लशधथि कर सकेर्ा बशते कक इस प्रकार लशधथि ककये िाने से
इन विननयमों का अनतिमण (उ्िंघन) न हो । अर्र कॉण्ट्ट्रा ट्रेड, चाहे अनिाने में या
अन्यथा, ऐसे ननबंधन का उ्िंघन करके ककया िाये, तो ऐसे व्यापार (ट्रेड) से होने िािे
मुनाफे (िार्) बोडभ को प्रत्यवपभत ककये (िौिाये) िाने के दायी होंर्े, ताकक उन्हें ननिेशक
संरक्षण और लशक्षण ननधध, जिसका संचािन अधधननयम के अधीन बोडभ द्िारा ककया
िाता है, में िमा ककया िा सके ।
11.
आचार संठहता में ऐसे फामेि ननधाभररत होंर्े, िो ननदेशक बोडभ - पूिड-मंजूरी के
लिए आिेदन करने के संबंध में, ककये र्ये व्यापारों (ट्रेड) की ररपोिभ देने के संबंध में,
पूिड-मंजूरी प्राप्त करने के पश्चात् व्यापार (ट्रेड) न करने के ननणभयों (विननश्चयों) की
ररपोिभ देने के संबंध में, ऐसे ननणभयों (विननश्चयों) के कारणों को अलर्लिखखत करने के
संबंध में और ऐसे अंतरािों (िो आिश्यकतानुसार ननधाभररत ककये िायें) पर प्रनतर्ूनतयों
में धाररताओं (होज्डंग्स) के ररपोर्िंर् िैिि (टतर) के संबंध में, इन विननयमों के
अनुपािन पर ननर्रानी रखने (को मॉनीिर करने) के लिए आिश्यक समझे ।
38
12. अधधननयम के अधीन बोडभ की शजक्त पर प्रनतकूि प्रर्ाि डािे बबना, आचार संठहता
में ऐसी अनुशाजटतयों (सैंक्शन्स) और अनुशासननक कारभिाइयों का उ्िेख होर्ा, जिनमें
सजम्मलित हैं – िेतन आर्द पर रोक, ननिंबन, आर्द, िो उन व्यजक्तयों द्िारा, आचार
संर्हता के उ्िंघन के लिए, अधधरोवपत की िा सकेंर्ी, जिन व्यजक्तयों से विननयम 9
के उप-विननयम (1) तथा उप-विननयम (2) के अधीन आचार संठहता बनाना अपेक्षक्षत है ।
13.
आचार संठहता में यह उ्िेख होर्ा कक यर्द उन व्यजक्तयों द्िारा, जिनसे
विननयम 9 के उप-विननयम (1) तथा उप-विननयम (2) के अधीन आचार संठहता बनाना
अपेक्षक्षत है, यह पाया िाये कक इन विननयमों का अनतिमण (उ्िंघन) हुआ है, तो िे
तुरंत बोडभ को सूधचत करेंर्े ।
यू.के. शसन्हा
अध्यक्ष
भारतीय प्रनतभूनत और ववननमय र्बोडथ